power sprayer

पावर स्प्रेयर सेब के बागवानों की इस्तेमाल में लाये जाने वाली मशीन है, ये मशीन सेब के पेड़-पोधो में कीटनाशक का छिड़काव करने में उपयोग में लायी जाती है, इस मशीन के रख -रखाव से जुडी कुछ बाते जो हर किसान को जाननी जरूरी है, जिससे के आप  काफी दिक्कतों  से बच सकते है इस मशीन में एक चेसिस पर पंप और इंजन को एकठा लगाया गया है,तथा बेल्ट की सहायता से दोनों को जोड़ा गया है,वैसे तो कई तरह की मशीने प्रयोग में लाई जाती है पर सबसे ज्यादा प्रयोग में लाए जाने वाली मशीन GK100 और उसके साथ ASPEE का पंप है, आपको जो जानकारी में बताने जा रहा हु वो लगभग सभी पावर स्प्रेयर में सामन्य होती है।       

  1. फ्यूल  टैंक और कार्बोरेटर  में कभी भी ईंधन को लम्बे समय के लिए न छोड़े उपयोग के बाद इन्हे  खाली कर दे इन्हे खाली करने के लिए ड्रेन-टी का इस्तेमाल करें इसके ऑन करने से टैंक और कार्बोरेटर दोनों खाली हो जायेंगे ,इनको खाली करने का उदेशय टैंक तो जंग से बचना है जंग फ्यूल के साथ बहकर कार्बोरेटर और अन्य जगह में (फ्यूल ) की सप्लाई को रोक देता है.जिससे मशीन या तो चलते -२ बंद हो जाएगी या फिर सही से स्टार्ट नहीं होगा।                                                                                                                                                                                                                                                                                

इंजन ऑयल को समय पर बदल दे ,नयी मशीन यदि हो तो 50 -60 घंटे चलने पर इंजन आयल बदल दे, अगर मशीन की तीन सर्विस हो चुकी हो तो 90- 100  घंटे उपयोग होने के बाद बदलना जरुरी है,                                                                                                                                                         

              हमेशा इंजन में अच्छी क्वालिटी का 20w 40 ग्रेड  ऑयल ही उपयोग करे।  इंजन ऑयल के नियमित बदलाव से आपके मशीन की उम्र काफी बड़   जाएगी और सही चिकनाई बने रहने से मशीन के पुर्जो में कम घर्षण होगा।                                                                                                                                                                                                                                                                           

3. लाल लाइट आने का मतलब। (आयल अलर्ट स्विच )

कभी-२ इंजन के स्टार्ट होने पर लाल लाइट दिखाई देती है और इंजन स्टार्ट होने के बाद बन्द हो जाएगा, ये लाइट रस्सी खींचने पर दिखाई देती है ,इसके जलने का मतलब है आपके इंजन में आयल लेवल से कम हो गया है।  ऐसा हो जाने पर तुरंत इंजन में तेल को बदल दे ,या इंजन में आयल को पूरा कर दे।
4. एयर फ़िल्टर को साफ रखे

 एयर फ़िल्टर को सर्विस के समय केरोसिन या पेट्रोल से साफ करे और सुखाकर इसमें हल्का सा इंजन आयल लगाकर वापस लगा दे , एयर फ़िल्टर में ऑयल लगने से धूल -मिटटी इसमें चिपक जाएगी और इंजन तक पहुंचने से रुक जाएगी 
5. ठन्डे इंजन को स्टार्ट करने के लिए हमेशा चौक का इस्तेमाल करे और इंजन स्टार्ट होने के बाद चौक बंद कर दे, अगर चौक पर ही इंजन चलेगा तो ज्यादा फ्यूल मिक्सचर की वजह से स्पार्क प्लग खराब हो जायेगा तथा इंजन काला धुआँ भी देगा इसलिए चौक को इंजन स्टार्ट होने के बाद बंद कर  दे।  

6 . पम्प में पिस्टन को कटने से बचाने के लिए ग्रीस  कप में ग्रीस भरे और हर ड्रम के स्प्रे हो जाने के बाद ग्रीस कप को थोड़ा-२ गुमाये जिससे के ग्रीस पिस्टन तक पहुंच जाये और उसमे चिकनाई बने रहे और घिसने से बचे। ग्रीसिंग करने से पिस्टन ही नहीं बल्कि पिस्टन वॉशर भी फटने से बचती है

7 . पम्प में सक्शन पाइप को जोड़ने से पहले सक्शन पाइप में वॉशर चेक कर  ले, सक्शन पाइप की वॉशर कट जाने से पम्प वंहा से हवा लेगा जिससे के पंप पानी नहीं खींचेगा या पानी कम खिंचेगा जिससे स्प्रे गन में पानी की डिलीवरी काम होगी 

  • 8 . अगर आपको चलती हुई मशीन में स्प्रे गन बंद करनी हो तो आपको 

ये लिवर ऊपर करना होगा , यदि आपका पंप ऑटो कट है तो उसमे ये लीवर नहीं होता , अगर आप इस लिवर को बिना ऊपर किये ही स्प्रे गन बंद कर  देंगे तो  पानी वापस  ड्रम में नहीं जा पायेगा और दबाव पड़ने से आपकी पाइप फट सकती है इसलिए इस लिवर को ऊपर खींचने में ही समझदारी है।  

कमेंट करके बताये आपको ये जानकारी कैसी  लगी और क्या इस टॉपिक पर वीडियो भी बनाई जाये तो कमेंट में जरूर बताये।  

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